िहंदी मातृभाषा (कोड 002) क􀆗ा 9वी–ं 10वी ं (2021-22)

 

िहंदी मातृभाषा (कोड 002)
क􀆗ा 9वी–ं 10वी ं (2021-22)
मा􀈯िमक 􀋑र तक आते-आते िव􀈨ाथ􀅎 िकशोर हो चुका होता है और उसम􀅐 सुनने, बोलने, पढ़ने, िलखने के साथ-साथ
आलोचना􀈏क 􀌊ि􀊼 िवकिसत होने लगती है। भाषा के सौदं या􀅊􀈏क प􀆗, कथा􀈏कता/गीता􀈏कता, अखबारी समझ,
श􀉨 श􀄰􀆅यो ं कीसमझ, राजनैितक एवं सामािजक चेतना का िवकास, 􀋢यं की अ􀄰􀋝ता का संदभ􀅊 और आव􀊴कता
के अनुसार उपयु􀆅 भाषा- 􀅮योग, श􀉨ों का सुिचंितत 􀅮योग, भाषा की िनयमब􀈠 􀅮कृ ित आिद से िव􀈨ाथ􀅎 प􀄯रिचत हो
जाता है। इतना ही नही ं वह िविवध िवधाओ ंऔर अिभ􀊩􀄰􀆅 की अनेक शैिलयो ं से भी प􀄯रिचत हो चुका होता है। अब
िव􀈨ाथ􀅎 की 􀌊ि􀊼 आस-पड़ोस, रा􀇛-देश की सीमा को लांघते 􀅠ए वैि􀊷क ि􀆗ितज तक फै ल जाती है। इन ब􀇄ों की
दुिनया म􀅐 समाचार, खेल, िफ􀊝 तथा अ􀉊 कलाओं के साथ-साथ प􀅩-पि􀅩काएँ और अलग-अलग तरह की िकताब􀅐 भी
􀅮वेश पा चुकी होती ह􀅓।
इस 􀋑र पर मातृभाषा िहंदी का अ􀈯यन सािह􀄰􀈑क, सां􀋋ृ ितक और 􀊩ावहा􀄯रक भाषा के 􀅝प म􀅐 कु छ इस तरह से
हो िक उ􀇄तर मा􀈯िमक 􀋑र पर प􀅠ँचते-प􀅠ँचते यह िव􀈨ािथ􀅊यों की पहचान, आ􀈏िव􀊷ास और िवमश􀅊 की भाषा बन
सके । 􀅮यास यह भी होगा िक िव􀈨ाथ􀅎 भाषा के िल􀄰खत 􀅮योग के साथ-साथ सहज और 􀋢ाभािवक मौ􀄰खक अिभ􀊩􀄰􀆅
म􀅐 भी स􀆗म हो सके ।
इस पा􀇬􀅢म के अ􀈯यन से -
(क) िव􀈨ाथ􀅎 अगले 􀋑रों पर अपनी 􀅝िच और आव􀊴कता के अनु􀅝प िहंदी की पढ़ाई कर सक􀅐 गे
तथा िहंदीम􀅐 बोलने और िलखने म􀅐 स􀆗म हो सक􀅐 गे।
(ख) अपनी भाषा द􀆗ता के चलते उ􀇄तर मा􀈯िमक 􀋑र पर िव􀇒ान, समाज िव􀇒ान और अ􀉊
पा􀇬􀅢मों के साथ सहज संब􀈠ता (अंतस􀅍बंध) 􀌾थािपत कर सक􀅐 गे।
(ग) दैिनक जीवन 􀊩वहार के िविवध 􀆗े􀅩ों म􀅐 िह􀈽ी के औपचा􀄯रक/अनौपचा􀄯रक उपयोग की द􀆗ता हािसल
कर सक􀅐 गे।
(घ) भाषा 􀅮योग के परंपरागत तौर-तरीकों एवं िवधाओं की जानकारी एवं उनके समसामियक संदभ􀅘 की समझ
िवकिसत कर सक􀅐 गे।
(ड.) िहंदी भाषा म􀅐 द􀆗ता का इ􀋑ेमाल वे अ􀉊 भाषा-संरचनाओं की समझ िवकिसत करने के िलए
करसक􀅐 गे।
क􀆗ा 9वी ंव 10वी ंम􀅐 मातृभाषा के 􀅝प म􀅐 िहंदी-िश􀆗ण के उ􀈞े􀊴 :
 क􀆗ा आठवी ं तक अिज􀅊त भािषक कौशलो ं (सुनना, बोलना, पढ़ना और िलखना) का उ􀈅रो􀈅र िवकास।
 सृजना􀈏क सािह􀈑 के आलोचना􀈏क आ􀋢ाद की 􀆗मता का िवकास।
 􀋢तं􀅩 और मौ􀄰खक 􀅝प से अपने िवचारों की अिभ􀊩􀄰􀆅 का िवकास।
 􀇒ान के िविभ􀉄 अनुशासनों के िवमश􀅊 की भाषा के 􀅝प म􀅐 िहंदी की िविश􀊼 􀅮कृ ित एवं 􀆗मता का बोध
कराना।
 सािह􀈑 की 􀅮भावकारी 􀆗मता का उपयोग करते 􀅠ए सभी 􀅮कार की िविवधताओं (रा􀊼􀅌 ीयता, धम,􀅊 िलंग एवं
भाषा) के 􀅮ित सकारा􀈏क और संवेदनशील रवैये का िवकास।
 जाित, धम􀅊, िलंग, रा􀊼􀅌 ीयता, 􀆗े􀅩 आिद से संबंिधत पूवा􀅊􀅤हो ं के चलते बनी 􀅝िढ़यो ं की भािषक अिभ􀊩􀄰􀆅यो ं
के 􀅮ित सजगता।
 भारतीय भाषाओं एवं िवदेशी भाषाओं की सं􀋋ृ ितकिविवधता से प􀄯रचय।
 􀊩ावहा􀄯रक और दैिनक जीवन म􀅐 िविवध अिभ􀊩􀄰􀆅यो ं की मौ􀄰खक व िल􀄰खत 􀆗मता का िवकास।
 संचार मा􀈯मो ं (ि􀅮ंट और इले􀆃􀅌 ॉिनक) म􀅐 􀅮यु􀆅 िहंदी की 􀅮कृ ित से अवगतकराना और नवीन भाषा 􀅮योग
करने की􀆗मता से प􀄯रचय।
 िव􀊶ेषण और तक􀅊 􀆗मता का िवकास।
 भाविभ􀊩􀄰􀆅 􀆗मताओं का उ􀈅रो􀈅र िवकास।
 मतभेद, िवरोध और टकराव की प􀄯र􀄰􀌾थितयों म􀅐 भी भाषा को संवेदनशील और तक􀅊 पूण􀅊 इ􀋑ेमाल से
शांितपूण􀅊 संवाद की 􀆗मता का िवकास।
 भाषा की समावेशी और ब􀅠भािषक 􀅮कृ ित की समझ का िवकासकरना।
िश􀆗ण यु􀄰􀆅याँ
मा􀈯िमक क􀆗ाओं म􀅐 अ􀈯ापक की भूिमका उिचत वातावरण के िनमा􀅊ण म􀅐 सहायकहोनी चािहए। भाषा और सािह􀈑
की पढ़ाई म􀅐 इस बात पर 􀈯ान देने की ज􀅝रत होगी िक -
 िव􀈨ाथ􀅎 􀈪ारा की जा रही गलितयो ं को भाषा के िवकास के अिनवाय􀅊 चरण के 􀅝प म􀅐 􀋢ीकार िकया जाना
चािहए िजससे िव􀈨ाथ􀅎 अबाध 􀅝प से िबना िझझक के िल􀄰खत और मौ􀄰खक अिभ􀊩􀄰􀆅 करने म􀅐 उ􀈖ाह का
अनुभव कर􀅐। िव􀈨ािथ􀅊यो ं पर शु􀄰􀈠 का ऐसा दबाव नही ंहोना चािहए िक वे तनाव􀅤􀋑 माहौल म􀅐 पड़ जाएँ । उ􀉎􀅐
भाषा के सहज, कारगर और रचना􀈏क 􀅝पों से इस तरह प􀄯रिचत कराना उिचत है िक वे 􀋢यं सहज􀅝प से
भाषा का सृजन कर सक􀅐 ।
 िव􀈨ाथ􀅎 􀋢तं􀅩 और अबाध 􀅝प से िल􀄰खत और मौ􀄰खक अिभ􀊩􀄰􀆅 करे। अिधगम बािधत होने पर अ􀈯ापक,
अ􀈯ापन शैली म􀅐 प􀄯रवत􀅊न कर􀅐।
 ऐसे िश􀆗ण-िबंदुओं की पहचान की जाए िजससे क􀆗ा म􀅐 िव􀈨ाथ􀅎 िनरंतर सि􀅢य भागीदारी कर􀅐 और अ􀈯ापक
भी इस 􀅮िकया म􀅐 उनका साथी बने।
 हर भाषा का अपना 􀊩ाकरण होता है। भाषा की इस 􀅮कृ ित की पहचान कराने म􀅐 प􀄯रवेशगत और पाठगत
संदभ􀅘 का ही 􀅮योग करना चािहए। यह पूरी 􀅮ि􀅢या ऐसी होनी चािहए िक िव􀈨ाथ􀅎 􀋢यं को शोधकता􀅊 समझे
तथा अ􀈯ापक इसम􀅐 के वल िनद􀅑शन कर􀅐।
 िहंदी म􀅐 􀆗े􀅩ीय 􀅮योगों, अ􀉊 भाषाओं के 􀅮योगों के उदाहरण से यह बात 􀋙􀊼 की जा सकती है िक भाषा
अलगाव म􀅐 नही ं बनती और उसका प􀄯रवेश अिनवाय􀅊 􀅝प से ब􀅠भािषक होता है।
 िभ􀉄 􀆗मता वाले िव􀈨ािथ􀅊यों के िलए उपयु􀆅 िश􀆗ण-साम􀅤ी का इ􀋑ेमाल िकया जाए तथा िकसी भी 􀅮कार
से उ􀉎􀅐अ􀉊 िव􀈨ािथ􀅊यों से कमतर या अलग न समझा जाए।
 क􀆗ा म􀅐 अ􀈯ापक को हर 􀅮कार की िविवधताओं (िलंग, जाित, वग􀅊, धम􀅊 आिद) के 􀅮ित सकारा􀈏क और
संवेदनशील वातावरण िनिम􀅊त करना चािहए।
 का􀊩 भाषा के मम􀅊 से िव􀈨ाथ􀅎 का प􀄯रचय कराने के िलए ज􀅝री होगा िक िकताबो ं म􀅐 आए का􀊩ांशो ं की
लयब􀈠 􀅮􀋑ुितयो ं के ऑिडयो-वीिडयो कै सेट तैयार िकए जाएँ । अगर आसानी से कोई गायक/गाियका िमले
तो क􀆗ा म􀅐 म􀈯कालीन सािह􀈑 के अ􀈯ापन-िश􀆗ण म􀅐 उससे मदद ली जानी चािहए।
 रा.शै.अ. और 􀅮. प.,(एन.सी.ई.आर.टी.) 􀈪ारा उपल􀉩 कराए गए अिधगम 􀅮ितफल /सीखने-िसखाने की
􀅮ि􀅢या जो इस पा􀇬चया􀅊 के साथ संल􀆰क के 􀅝प म􀅐 उपल􀉩 है, को िश􀆗क 􀈪ारा 􀆗मता आधा􀄯रत िश􀆗ा
का ल􀆙 􀅮ा􀉑 करने के िलये अिनवाय􀅊 􀅝प से इ􀋑ेमाल करने की आव􀊴कता है।
 मानव संसाधन िवकास मं􀅩ालय के िविभ􀉄 संगठनो ं तथा 􀋢तं􀅩 िनमा􀅊ताओ ं 􀈪ारा उपल􀉩 कराए गए कराए गए
अ􀉊 काय􀅊􀅢म/ ई-साम􀅤ी वृ􀈅िच􀅩ो ं और फीचर िफ􀊝ो ं को िश􀆗ण-साम􀅤ी के तौर पर इ􀋑ेमाल करने की
ज􀅝रत है। इनके 􀅮दश􀅊न के 􀅢म म􀅐 इन पर लगातार बातचीत के ज􀄯रए िसनेमा के मा􀈯म से भाषा के 􀅮योग
िक िविश􀊼ता की पहचान कराई जा सकती है और िहंदी की अलग-अलग छटा िदखाई जा सकती है।
 क􀆗ा म􀅐 िसफ􀅊 पा􀇬पु􀋑क की उप􀄰􀌾थित से बेहतर होगा िक िश􀆗क के हाथ म􀅐 तरह-तरह की पा􀇬साम􀅤ी
को िव􀈨ाथ􀅎 देख􀅐 और क􀆗ा म􀅐 अलग-अलग मौकों पर िश􀆗क उनका इ􀋑ेमाल कर􀅐।
 भाषा लगातार 􀅤हण करने की ि􀅢या म􀅐 बनती है, इसे 􀅮दिश􀅊त करने का एक तरीका यह भी है िक िश􀆗क
खुद यह िसखा सक􀅐 िक वे भी श􀉨कोश, सािह􀈑कोश, संदभ􀅊􀅤ंथ की लगातार मदद ले रहे ह􀅓। इससे िव􀈨ािथ􀅊यों
म􀅐 इनके इ􀋑ेमाल करने को लेकर त􀈋रता बढ़ेगी। अनुमान के आधार पर िनकटतम अथ􀅊 तक प􀅠ँचकर संतु􀊼
होने की जगह वे सटीक अथ􀅊 की खोज करने के िलए 􀅮े􀄯रत होगं े। इससे श􀉨ो ंकी अलग-अलग रंगत का पता
चलेगा, वे श􀉨ो ं के सू􀆘 अंतर के 􀅮ित और सजग हो पाएँ गे।
􀅵वण व वाचन (मौ􀄰खक बोलना) संबंधी यो􀆶ताएँ
􀅵वण (सुनना) कौशल
 विण􀅊त या पिठत साम􀅤ी, वाता􀅊, भाषण, प􀄯रचचा􀅊, वाता􀅊लाप, वाद-िववाद, किवता-पाठ आिद का सुनकर अथ􀅊
􀅤हण करना, मू􀊞ांकन करना और अिभ􀊩􀄰􀆅 के ढंग को जानना।
 व􀆅􀊩 के भाव, िवनोद व उसम􀅐 िनिहत संदेश, 􀊩ं􀆶 आिद को समझना।
 वैचा􀄯रक मतभेद होने पर भी व􀆅ा की बात को 􀈯ानपूव􀅊क, धैय􀅊पूव􀅊क व िश􀊼ाचारानुकू ल 􀅮कार से सुनना व
व􀆅ा के 􀌊ि􀊼कोण को समझना।
 􀇒ानाज􀅊न मनोरंजन व 􀅮ेरणा 􀅤हण करने हेतु सुनना।
 व􀆅􀊩 का आलोचना􀈏क िव􀊶ेषण करना एवं सुनकर उसका सार 􀅤हण करना।
􀅵वण (सुनना) वाचन (बोलना) का परी􀆗ण : कु ल 5 अंक (2.5+2.5)
 परी􀆗क िकसी 􀅮ासंिगक िवषय पर एक अनु􀇅ेद का 􀋙􀊼 वाचन करेगा। अनु􀇅ेद त􀈚ा􀈏क या सुझावा􀈏क
हो सकता है। अनु􀇅ेद लगभग 100-150 श􀉨ो ं का होना चािहए।
या
परी􀆗क 1-2 िमनट का 􀅵􀊩 अंश (ऑिडयो 􀄰􀆑प) सुनवाएगा। अंश रोचक होना चािहए। क􀈚 /घटना पूण􀅊 एवं 􀋙􀊼
होनी चािहए। वाचक का उ􀇄ारण शु􀈠, 􀋙􀊼 एवं िवराम िच􀋥ों के उिचत 􀅮योग सिहत होना चािहए।
 परी􀆗ाथ􀅎 􀈯ान पूव􀅊क परी􀆗ा/आिडयो 􀄰􀆑प को सुनने के प􀊮ात परी􀆗क 􀈪ारा पूछे गए 􀅮􀊲ों का अपनी समझ
से मौ􀄰खक उ􀈅र द􀅐गे।
कौशलो ंके मू􀊞ांकन का आधार
􀅵वण (सुनना) वाचन(बोलना)
1 िव􀈨ाथ􀅎 म􀅐 प􀄯रिचत संदभ􀅘 म􀅐 􀅮यु􀆅 श􀉨ो ंऔर पदो ंको
समझने की सामा􀉊 यो􀆶ता है।
1 िव􀈨ाथ􀅎 के वल अलग -अलग श􀉨ो ं और पदो ं के
􀅮योग की यो􀆶ता 􀅮दिश􀅊त करता है।
2 छोटे सुसंब􀈠कथनो ं को प􀄯रिचत संदभ􀅘 म􀅐 समझने की
यो􀆶ता है।
2 प􀄯रिचत संदभ􀅘 म􀅐 के वल छोटे सुसंब􀈠 कथनो ं
का सीिमत शुद् धता से 􀅮योग करता है।
3 प􀄯रिचत या अप􀄯रिचत दोनों संदभ􀅘 म􀅐 किथत सूचना को
􀋙􀊼 समझने की यो􀆶ता है।
3 अपेि􀆗त दीघ􀅊 भाषण म􀅐 जिटल कथनो ं के 􀅮योग
की यो􀆶ता 􀅮दिश􀅊त करता है।
4 दीघ􀅊 कथनो ंकी 􀅵ंृखला को पया􀅊􀉑 शु􀈠ता से समझता है
और िन􀊺ष􀅊 िनकाल सकता है।
4 अप􀄯रिचत 􀄰􀌾थितयो ं म􀅐 िवचारो ं को तािक􀅊 क ढंग से
संगिठत कर धारा 􀅮वाह 􀅝प म􀅐 􀅮􀋑ुत कर सकता
है।
5 जिटल कथनों के िवचार-िबंदुओं को समझने की यो􀆶ता
􀅮दिश􀅊त करता है।
5 उ􀈞े􀊴 और 􀅵ोता के िलए उपयु􀆅 शैली को
अपना सकता है।
िट􀉔णी
 परी􀆗ण से पूव􀅊 परी􀆗ाथ􀅎 को तैयारी के िलए कु छ समय िदया जाए।
 िववरणा􀈏क भाषा म􀅐 वत􀅊मान काल का 􀅮योग अपेि􀆗त है।
 िनधा􀅊􀄯रत िवषय परी􀆗ाथ􀅎 के अनुभव संसार के हों, जैसे - कोई चुटकु ला या हा􀋟-􀅮संग सुनाना, हाल म􀅐 पढ़ी
पु􀋑क या देखे गए िसनेमा की कहानी सुनाना।
 जब परी􀆗ाथ􀅎 बोलना 􀅮ारंभ कर􀅐 तो परी􀆗क कम से कम ह􀋑􀆗ेप कर􀅐।
पठन कौशल
 सरसरी 􀌊ि􀊼 से पढ़कर पाठ का क􀅐 􀅫ीय िवचार 􀅤हण करना।
 एका􀅤िचत हो एक अभी􀊼 गित के साथ मौन पठन करना।
 पिठत साम􀅤ी पर अपनी 􀅮िति􀅢या 􀊩􀆅 करना।
 भाषा, िवचार एवं शैली की सराहना करना।
 सािह􀈑 के 􀅮ित अिभ􀅝िच का िवकास करना।
 सािह􀈑 की िविभ􀉄 िवधाओं की 􀅮कृ ित के अनुसार पठन कौशल का िवकास।
 संदभ􀅊 के अनुसार श􀉨ो ं के अथ􀅊–भेदो ं की पहचान करना।
 सि􀅢य (􀊩वहारोपयोगी) श􀉨 भंडार की वृ􀄰􀈠 करना।
 पिठत साम􀅤ी के िविभ􀉄 अंशों का पर􀋙र संबंध समझना।
 पिठत अनु􀇅े दो ं के शीष􀅊क एवं उपशीष􀅊क देना।
 किवता के 􀅮मुख उपादान यथा - तुक, लय, यित,गित, बलाघातआिद से प􀄯रिचत कराना।
लेखन कौशल
 िलिप के मा􀉊 􀅝प का ही 􀊩वहार करना।
 िवराम-िचह् नों का उपयु􀆅 􀅮योग करना।
 􀅮भावपूण􀅊 भाषा तथा लेखन-शैली का 􀋢ाभािवक 􀅝प से 􀅮योग करना।
 उपयु􀆅 अनु􀇅ेदों म􀅐 बाँटकर िलखना।
 􀅮ाथ􀅊ना प􀅩, िनमं􀅩ण प􀅩, बधाई प􀅩, संवेदना प􀅩,ई-मेल,आदेश प􀅩, एस.एम.एस आिद िलखना और िविवध
􀅮प􀅩ों को भरना।
 िविवध 􀅷ोतो ं से आव􀊴क साम􀅤ी एक􀅩 कर अभी􀊼 िवषय पर िनबंध िलखना।
 देखी 􀅠ई घटनाओं का वण􀅊न करना और उन पर अपनी 􀅮िति􀅢या देना।
 िह􀈽ी की एक िवधा से दूसरी िवधा म􀅐 􀅝पांतरण का कौशल।
 समारोह और गोि􀊿यो ं की सूचना और 􀅮ितवेदन तैयार करना।
 सार, सं􀆗ेपीकरण एवं भावाथ􀅊 िलखना।
 ग􀈨 एवं प􀈨 अवतरणों की 􀊩ा􀆥ा िलखना।
 􀋢ानुभूत िवचारों और भावनाओं को 􀋙􀊼 सहज और 􀅮भावशाली ढंग से अिभ􀊩􀆅 करना।
 􀅢मब􀈠ता और 􀅮करण की एकता बनाए रखना।
 िलखने म􀅐 मौिलकता और सृजना􀈏कता लाना।
रचना􀈏क अिभ􀊩􀄰􀆅
अनु􀇅ेद लेखन
 पूण􀅊ता – संबंिधत िवषय के सभी प􀆗ों को अनु􀇅ेद के सीिमत आकार म􀅐 संयोिजत करना
 􀅢मब􀈠ता – िवचारों को 􀅢मब􀈠 एवं तक􀅊 संगत िविध से 􀅮कट करना
 िवषय-के 􀄰􀈾त – 􀅮ारंभ से अंत तक अनु􀇅ेद का एक सू􀅩 म􀅐 बंधा होना
 समािसकता – सीिमत श􀉨ो ं म􀅐 यथासंभव पूरी बात कहने का 􀅮यास, अनाव􀊴क बात􀅐 न करके के वल
िवषय संब􀈠 वण􀅊न-िववेचन
प􀅩 लेखन
 अनौपचा􀄯रक प􀅩 िवचार-िवमश􀅊 का ज􀄯रया िजनम􀅐 मै􀅩ीपूण􀅊 भावना िनिहत, सरलता, संि􀆗􀉑 और सादगी के
साथ लेखन शैली
 औपचा􀄯रक प􀅩ों 􀈪ारा दैनंिदनी जीवन की िविभ􀌢 न 􀄰􀌾थितयों म􀅐 काय􀅊, 􀊩ापार, संवाद, परामश􀅊, अनुरोध तथा
सुझाव के िलए 􀅮भावी एवं 􀋙􀊼 सं􀅮ेषण 􀆗मता का िवकास
 सरल और बोलचाल की भाषाशैली, उपयु􀆅, सटीक श􀉨ों के 􀅮योग, सीधे-सादे ढंग से 􀋙􀊼 और 􀅮􀈑􀆗
बात की 􀅮􀋑ुित
 􀅮ा􀅝प की आव􀊴क औपचा􀄯रकताओं के साथ सु􀋙􀊼, सुलझे और 􀅢मब􀈠 िवचार आव􀊴क त􀈚, सं􀆗ेप
और स􀉼ूण􀅊ता के साथ 􀅮भावा􀄰􀉋ित
िव􀇒ापन लेखन
िव􀇒ािपत व􀋑ु / िवषय को क􀅐 􀅫 म􀅐 रखते 􀅠ए
 िव􀇒ािपत व􀋑ु के िविश􀊼 गुणो ं का उ􀊟ेख
 आकष􀅊क लेखन शैली
 􀅮􀌾 तुित म􀅐 नयापन, वत􀅊मान से जुड़ाव तथा दूसरो ं से िभ􀌢 नता
 िव􀇒ापन म􀅐 आव􀊴कतानुसार नारे (􀋠ोगन) का उपयोग
 (िव􀇒ापन लेखन मे बॉ􀆛, िच􀅩 अथवा रंग का उपयोग अिनवाय􀅊 नही)ं
संवाद लेखन
दो या दो से अिधक लोगों के बीच होने वाले वाता􀅊लाप/ बातचीत िवषय, का􀊙िनक या िकसी वाता􀅊 को सुनकर यथाथ􀅊
पर आधा􀄯रत संवाद लेखन की रचना􀌝 मक श􀄰􀆅 का िवकास, कहानी, नाटक, िफ􀊝 और टीवी सी􀄯रयल से ल􀅐।
 पा􀅩ों के अनुकू ल भाषा शैली
 श􀉨 सीमा के भीतर एक दूसरे से जुड़े साथ􀅊क और उ􀈞े􀊴पूण􀅊 संवाद
 व􀆅ा के हाव-भाव का संके त
 संवाद लेखन के अंत तक िवषय/मु􀈞े पर वाता􀅊 पूरी
लघु-कथा लेखन (िदए गए 􀅮􀌾 थान िबंदु के आधार पर लघु कथा लेखन)
 िनरंतरता
 कथा􀌝 मकता
 􀅮भावी संवाद/ पा􀅩ानुकु ल संवाद
 रचना􀌝 मकता/क􀌵 पना श􀄰􀆅 का उपयोग
 िज􀇒ासा/रोचकता
संदेश लेखन (शुभकामना, पव􀅊-􀌝 यौहारोएं वं िवशेष अवसरो ं पर िदए जाने वाले संदेश)
 िवषय से संब􀈠ता
 संि􀆗􀌪 त और सारगिभ􀅊त
 भाषाई द􀆗ता एवं 􀅮􀌾 तुित
 रचना􀌝 मकता/सृजना􀌝 मकता
िहंदी पा􀇬􀅢म – अ (कोड सं. - 002)
क􀆗ा 9वी ं िहंदी अ – परी􀆗ा हेतु पा􀇬􀅢म िविनद􀅑शन 2020-21
भारांक 80 िनधा􀅊􀄯रत समय 3 घंटे
परी􀆗ा भार िवभाजन
िवषयव􀋑ु उप भार कु ल भार
1 अपिठत ग􀈨ांश (िचंतन 􀆗मता एवं अिभ􀊩􀄰􀆅 कौशल पर) अित लघू􀈅रा􀈏क
एवं लघू􀈅रा􀈏क 􀅮􀊲 पूछे जाएंगे।
एक अपिठत ग􀈨ांश (100 से 150 श􀉨ो ं के ) (1x2=2) (2x4=8) 10 10
2 􀊩ाकरण के िलए िनधा􀅊􀄯रत िवषयो ं पर िवषय-व􀋑ु का बोध, भािषक िबंदु
/संरचना आिद पर 􀅮􀊲 (1x16)
16
􀊩ाकरण
1 श􀉨 िनमा􀅊ण
उपसग􀅊 – 2 अंक, 􀅮􀈑य – 2 अंक, समास – 4 अंक
8
2 अथ􀅊 की 􀌊ि􀊼 से वा􀆐 भेद – 4 अंक 4
3 अलंकार – 4 अंक
(श􀉨ालंकार: अनु􀅮ास, यमक, 􀊶ेष) (अथा􀅊लंकार : उपमा, 􀅝पक,
उ􀈌े􀆗ा, अितशयो􀄰􀆅, मानवीकरण)
4
3 पा􀇬पु􀋑क ि􀆗ितज भाग – 1 व पूरक पा􀇬पु􀋑क कृ ितका भाग -1
अ ग􀈨 खंड 14
1 ि􀆗ितज से िनधा􀅊􀄯रत पाठों म􀅐 से ग􀈨ांश के आधार पर िवषय-व􀋑ु
का 􀇒ान बोध, अिभ􀌺 य􀄰􀆅 आिद पर तीन 􀅮􀊲 पूछे जाएंगे। (2x3)
6
2 ि􀆗ितज से िनधा􀅊􀄯रत ग􀈨 पाठो ंके आधार पर िव􀈨ािथ􀅊यो ं की उ􀇄
िचंतन 􀆗मताओं एंव अिभ􀊩􀄰􀆅 का आकलन करने हेतु चार 􀅮􀊲
पूछे जाएंगे। (2x4) (िवक􀊙 सिहत)
8
ब का􀊩 खंड 14
1 ि􀆗ितज से िनधा􀅊􀄯रत किवताओं म􀅐 से का􀊩ांश के आधार पर तीन
􀅮􀊲 पूछे जाएंगे (2x3)
6
2 ि􀆗ितज से िनधा􀅊􀄯रत किवताओं के आधार पर िव􀈨ािथ􀅊यों का
का􀊩बोध परखने हेतु चार 􀅮􀊲 पूछे जाएंगे। (2x4) (िवक􀊙
सिहत)
8
34
स पूरक पा􀇬पु􀋑क कृ ितका भाग – 1 6
कृ ितका के िनधा􀅊􀄯रत पाठो ं पर आधा􀄯रत दो 􀅮􀊲 पूछे जाएँगे (िवक􀊙
सिहत)। (3x2)
6
4 लेखन
20
अ िविभ􀉄 िवषयो ंऔर संदभ􀅘 पर िव􀈨ािथ􀅊यो ंके तक􀅊 संगत िवचार 􀅮कट करने
की 􀆗मता को परखने के िलए संके त िबंदुओं पर आधा􀄯रत समसामियक
एवं 􀊩ावहा􀄯रक जीवन से जुड़े 􀅠ए िवषयो ं म􀅐 से िक􀉎ी ं तीन िवषयो ं पर 80
से 100 श􀉨ो ं म􀅐 िकसी एक िवषय पर अनु􀌓 छेद (5x1)
5
ब अिभ􀊩􀄰􀆅 की 􀆗मता पर क􀅐 ि􀅫त औपचा􀄯रक अथवा अनौपचा􀄯रक
िवषयों म􀅐 से िकसी एक िवषय पर प􀅩। (5x1)
5
स िकसी एक िवषय पर संवाद लेखन। (5x1) (िवक􀊙 सिहत) 5
द लघु-कथा लेखन (िदए गए 􀅮􀌾 थान िबंदु के आधार पर 100-120 श􀌭द ो ं
म􀅐) (िवक􀌵 प सिहत)
5
कु ल 80
िनधा􀅊􀄯रत पु􀋑क􀅐 :
1. ि􀆗ितज, भाग–1, एन.सी.ई.आर.टी., नई िद􀌵 ली 􀈪ारा 􀅮कािशत नवीनतम सं􀌾 करण
2. कृ ितका, भाग–1, एन.सी.ई.आर.टी., नई िद􀌵 ली 􀈪ारा 􀅮कािशत नवीनतम सं􀌾 करण
नोट – पा􀇬􀅢म के िन􀉻िल􀄰खत पाठ हटा िदए गए ह􀅓
ि􀆗ितज, भाग – 1 का􀊩 खंड  कबीर – सा􀄰खयाँ व सबद पाठ से सबद-2
संतो भाई आई..
 सुिम􀅩ानंदन पंत – 􀅤ाम 􀅵ी
ग􀈨 खंड  􀊴ामाचरण दूबे – उपभो􀆅ावाद की सं􀋋ृ ित
 हज़ारी􀅮साद ि􀈪वेदी – एक कु 􀈅ा और एक मैना
कृ ितका, भाग – 1  फणी􀊷रनाथ रेणु – इस जल 􀅮लय म􀅐
 शमशेर बहादुर िसंह – िकस तरह आ􀄰खरकार म􀅓 िहंदी म􀅐 आया
िहंदी पा􀇬􀅢म -अ (कोड सं. 002)
क􀆗ा 10वी ं िहंदी - अ परी􀆗ा हेतु पा􀇬􀅢म िविनद􀅑शन 2020-21
 􀅮􀊲-प􀅩 दो ख􀇷ो ं - खंड 'अ' और 'ब' का होगा|
 खंड 'अ' म􀅐 53 व􀋑ुपरक 􀅮􀊲 पूछे जाएँ गे िजनम􀅐 से के वल 40 􀅮􀊲ो ंके ही उ􀈅र देन े होग􀅐 |
 खंड 'ब' म􀅐 वण􀅊ना􀈏क 􀅮􀊲 पूछे जाएँ ग|े 􀅮􀊲ो ं म􀅐 उिचत आंत􀄯रक िवक􀊙 िदए जाएँ गे |
भारांक 80 िनधा􀅊􀄯रत समय 3 घंटे
परी􀆗ा भार िवभाजन
खंड – अ (ब􀅠िवक􀊙ी 􀅮􀊲)
िवषयव􀋑ु उप भार कु लभार
1 अपिठत ग􀈨ांश व का􀊩ांश पर िचंतन 􀆗मता एवं अिभ􀊩􀄰􀆅 कौशल पर आधा􀄯रत
ब􀅠िवक􀊙ी 􀅮􀊲 ।
अ एक अपिठत ग􀈨ांश 150 से 200 श􀉨ो ं का |(1x5=5) िवक􀊙 सिहत 5 10
ब एक अपिठत का􀊩ांश 150 से 200 श􀉨ो ं का |(1x5=5)िवक􀊙 सिहत 5
2 􀊩ाकरण के िलए िनधा􀅊􀄯रत िवषयों पर िवषय-व􀋑ु का बोध, भािषक िबंदु/ संरचना
आिद पर ब􀅠िवक􀊙ी 􀅮􀊲 | (1x16)
कु ल 20 􀅮􀊲 पूछे जाएँ गे िजसम􀅐 से के वल 16 􀅮􀊲ो ं के उ􀈅र देने होगं े |
16
􀊩ाकरण
1 रचना के आधार पर वा􀆐 भेद (4 अंक) 4
2 वा􀇉 (4 अंक) 4
3 पद प􀄯रचय (4 अंक) 4
4 रस (4 अंक) 4
3 पा􀇬पु􀋑क ि􀆗ितज भाग – 2
अ ग􀈨 खंड 7
1 ि􀆗ितज से िनधा􀅊􀄯रत पाठों म􀅐 से ग􀈨ांश के आधार पर िवषय-व􀋑ु का 􀇒ान
बोध, अिभ􀊩􀄰􀆅 आिद पर पांच ब􀅠िवक􀊙ी 􀅮􀊲 पूछे जाएँगे । (1x5)
5
2 ि􀆗ितज से िनधा􀅊􀄯रत ग􀈨 पाठो ं के आधार पर िव􀈨ािथ􀅊यो ं की उ􀇄 िचंतन
􀆗मताओं एवं अिभ􀌺 य􀄰􀆅 का आकलन करने हेतु दो ब􀅠िवक􀊙ी 􀅮􀊲 पूछे
जाएँगे। (1x2)
2
ब का􀊩 खंड 7
1 ि􀆗ितज से िनधा􀅊􀄯रत किवताओं म􀅐 से का􀊩ांश के आधार पर पाँच
ब􀅠िवक􀊙ी 􀅮􀊲 पूछे जाएँगे (1x5)
5 14
2 ि􀆗ितज से िनधा􀅊􀄯रत किवताओं के आधार पर िव􀈨ािथ􀅊यो ं का का􀊩बोध
परखने हेतु दो ब􀅠िवक􀊙ी 􀅮􀊲 पूछे जाएँगे। (1x2)
2
खंड – ब (वण􀅊ना􀈏क 􀅮􀊲)
पा􀇬पु􀋑क ि􀆗ितज भाग – 2 व पूरक पा􀇬पु􀋑क कृ ितका भाग – 2
1 अ ग􀈨 खंड
ि􀆗ितज से िनधा􀅊􀄯रत पाठो ं म􀅐 से िवषय-व􀋑ु का 􀇒ान बोध, अिभ􀊩􀄰􀆅 आिद पर
चार 􀅮􀊲 पूछे जाएँगे । (2x4)
8
ब का􀊩 खंड
20
ि􀆗ितज से िनधा􀅊􀄯रत किवताओ ं के आधार पर िव􀈨ािथ􀅊यो ं का का􀊩बोध परखने
हेतु तीन 􀅮􀊲 पूछे जाएँगे। (2x3)
6
स पूरक पा􀇬पु􀋑क कृ ितका भाग – 2
कृ ितका के िनधा􀅊􀄯रत पाठो ं पर आधा􀄯रत दो 􀅮􀊲 पूछे जाएँ गे । (3x2) (िवक􀊙
सिहत)
6
2 लेखन
अ िविभ􀉄 िवषयो ंऔर संदभ􀅖 पर िव􀈨ािथ􀅊यो ं के तक􀅊 संगत िवचार 􀅮कट करने की
􀆗मता को परखने के िलए संके त िबंदुओं पर आधा􀄯रत समसामियक एवं
􀊩ावहा􀄯रक जीवन से जुड़े 􀅠ए तीन िवषयों म􀅐 से िकसी एक िवषय पर 80 से
100 श􀉨ों म􀅐 अनु􀌓 छेद लेखन । (5x1)
5
20
ब अिभ􀊩􀄰􀆅 की 􀆗मता पर के 􀄰􀈾त औपचा􀄯रक अथवा अनौपचा􀄯रक िवषयो ं म􀅐
से िकसी एक िवषय पर प􀅩 । (5x1)
5
स िवषय से संबंिधत 25-50 श􀉨ों के अंतग􀅊त िव􀇒ापन लेखन । (5x1) (िवक􀊙
सिहत)
5
द संदेश लेखन (शुभकामना, पव􀅊-􀌝 योहारो ं एवं िवशेष अवसरो ं पर िदए जाने वाले
संदेश) (30-40 श􀉨ों म􀅐) (5x1) (िवक􀊙 सिहत)
5
कु ल 80
िनधा􀅊􀄯रत पु􀋑क􀅐 :
1. ि􀆗ितज, भाग–2, एन.सी.ई.आर.टी., नई िद􀌵 ली 􀈪ारा 􀅮कािशत नवीनतम सं􀌾 करण
2. कृ ितका, भाग–2, एन.सी.ई.आर.टी., नई िद􀌵 ली 􀈪ारा 􀅮कािशत नवीनतम सं􀌾 करण
नोट – पा􀇬􀅢म के िन􀉻िल􀄰खत पाठ हटा िदए गए ह􀅓 –
ि􀆗ितज, भाग – 2 का􀊩 खंड  देव
 जयशंकर 􀅮साद – आ􀈏क􀈚
ग􀈨 खंड  महावीर􀅮साद ि􀈪वेदी –􀋓ी-िश􀆗ा के िवरोधी कु तक􀅘 का खंडन
 भदंत आनंद कौस􀊞ायन –सं􀋋ृ ित
कृ ितका, भाग – 2  एही ठैयाँ झुलनी हेरानी हो रामा!
 म􀅓 􀆐ों िलखता 􀅡ँ ?
क􀆗ा दसवी ं हेतु 􀅮􀊲 प􀅩 का िव􀋑ृत 􀅮ा􀅝प जानने के िलये कृ पया बोड􀅊 􀈪ारा जारी आदश􀅊 􀅮􀊲 प􀅩 देख􀅐।


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